उद्देश्य

उद्देश्य

श्री विश्वकर्मा जांगिड कर्मचारी समिति के निम्नलिखित उद्देश्य है -

1.सेवारत एवं सेवानिवृत जांगिड कर्मचारियों का सामजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक द्ष्टि से संगठन करना एवं जांगिड समाज में बन्धुत्व, सहयोग एवं सहअस्तित्व की भावना को बढाना।

2. जांगिड समाज के व्यक्तियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक एकता एवं विकास हेतु कार्यकलाप करना ।

3. जांगिड समाज के लाभ के लिए भूमि अर्जित करना, सार्वजनिक उपयोग के स्थलों का निर्माण करना/करवाना, शिक्षण संस्थाओं की स्थापना करना तथा तथा ऐसे स्थलों एवं संस्थाओं का प्रशासन एवं रख-रखाव करना ।

4. जांगिड समाज के व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के अभाव की पूर्ति हेतु आर्थिक सहायता अथवा/एवं ऋण प्रदान करना तथा समाज के जरूरतमन्द विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्षेत्र में प्रगति करने हुतु छात्रवृत्ति प्रदान करना।

5.सरकारी, अर्द्धसरकारी, गैर सरकारी संस्थाओ/विभागों, प्राइवेट व्यक्ति से आर्थिक अनुदान प्राप्त करना एवं प्राप्त राशि को जांगिड समाज के सामाजिक,आर्थक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक विकास हेतु उपयोग में लाना ।

6. जांगिड समाज के व्यक्तियों की सामाजिक, शैक्षणिक,विधिक एवं सरकारी समस्याओ का निराकरण करना एवं निराकरण हेतु समुचित साधनों का उपयोग करना

7.जांगिड समाज के विकास हेतु सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा प्रदान करना अथवा/एवं ऐसी शिक्षा करने/करवाने हेतु समुचित व्यवस्था करना ।

8. जांगिड समाज के संगठन विकास, शिक्षा एवं जागृति हेतु हिन्दी अथवा/एवं अंग्रेजी भाषा में पत्रिका अथवा/एवं समाचार पत्र का सम्पादन, मुद्रण, प्रकाशन एवं वितरण करना ।

9. समाज के व्यक्तियों के रोग एवं शारीरिक अयोग्यता के निवारण हेतु आर्थक सहायता प्रदान करना एवं चिकित्सा कैम्प एवं अन्य सम्बन्धित सुविधाओ की व्यवस्था करना ।

10. जनकल्याणकारी सभाओं , समारोेहों, शोभा यात्राआंे का आयेजन करना तथा समाज के सर्वाेतोमुखी विकास हेतु साहित्य का प्रकाशन एवं प्रसारण करना।

11. जांगिड समाज के लाभ हेतु सरकारी, अर्द्धसरकारी,गैर सरकारी संस्थाओ/विभागों, में समाज का प्रतिनिधित्व करना एवं उनसे समाज के व्यक्तियों को समुचित लाभ प्रदान करने हेतु उपाय करना ।

12. सुविधनुसासर जांगिड समाज के अतिरिक्त भी अन्य व्यक्तियों के सामाजिक, शैखणिक,सांस्कृतिक विकास में सहयोग करना एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मुलन की दिशा में समुचित प्रयास करना उक्त उद्दश्यों की पूर्ति में कोई लाभ निहित नही होगा ।